
Now Next.
वर्चस्व निशी एक - दूसरे की बाहों में लिपटे हुए लेटे हुए थे, निशी वर्चस्व को मुंह फुला कर देख रही थी, क्योंकि वो डर रही थी कहीं उसके नाटक की बजह से वर्चस्व उस पर गुस्सा न करें !

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वर्चस्व निशी एक - दूसरे की बाहों में लिपटे हुए लेटे हुए थे, निशी वर्चस्व को मुंह फुला कर देख रही थी, क्योंकि वो डर रही थी कहीं उसके नाटक की बजह से वर्चस्व उस पर गुस्सा न करें !
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