
Now Next.
वर्चस्व के इग्नोर करने की बजह से, निशी एक दम गुस्से से आग -बबूला थी, वो तमतमाते हुए अपने रूम में आती है, जहां वो अपना सारा सामान गुस्से से फेंक देती है !

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वर्चस्व के इग्नोर करने की बजह से, निशी एक दम गुस्से से आग -बबूला थी, वो तमतमाते हुए अपने रूम में आती है, जहां वो अपना सारा सामान गुस्से से फेंक देती है !
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